
1 करोड़ युवाओं को मिलेगी फ्री AI ट्रेनिंग: पीएम मोदी के इस बड़े ऐलान से कैसे बदलेगा आपका करियर?
पीएम मोदी की 1 करोड़ फ्री AI ट्रेनिंग योजना क्या है?
पीएम मोदी की 1 करोड़ फ्री AI ट्रेनिंग योजना 80वें स्वतंत्रता दिवस (15 अगस्त 2026) पर घोषित एक राष्ट्रीय सरकारी पहल है। इसके तहत अगले 1 साल में 10 मिलियन (1 करोड़) भारतीय युवाओं को स्किल इंडिया डिजिटल हब के माध्यम से जनरेटिव AI, प्रॉम्प्ट इंजीनियरिंग और ऑटोमेशन की निशुल्क, प्रमाणित ट्रेनिंग दी जाएगी।
KEY HIGHLIGHTS
- ऐतिहासिक ऐलान: 80वें स्वतंत्रता दिवस (15 अगस्त 2026) पर लाल किले की प्राचीर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अगले 1 साल में 1 करोड़ (10 मिलियन) युवाओं को फ्री आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) स्किल ट्रेनिंग देने की घोषणा की।
- डिजिटल प्लेटफॉर्म: यह पूरी ट्रेनिंग स्किल इंडिया डिजिटल हब (SIDH) और प्रमुख ग्लोबल टेक पार्टनर्स के सहयोग से ऑनलाइन व हाइब्रिड मोड में दी जाएगी।
- मुफ्त प्रतियोगी कोचिंग: युवाओं और मिडिल क्लास परिवारों के कोचिंग खर्च को बचाने के लिए केंद्र सरकार ने देशव्यापी फ्री ऑनलाइन कोचिंग नेटवर्क की भी शुरुआत की।
- सर्टिफाइड और जॉब-रेडी: ट्रेनिंग में जनरेटिव AI, प्रॉम्प्ट इंजीनियरिंग, ऑटोमेशन और बेसिक कोडिंग शामिल होगी, जिसके पूरे होने पर सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त NSQF डिजिटल सर्टिफिकेट मिलेगा।
- स्मॉल बिजनेस और जॉब सीकर्स को फायदा: छोटे शहरों के छात्रों, नौकरी तलाश रहे युवाओं और लोकल प्रोफेशनल्स को मॉडर्न डिजिटल वर्कफ्लो सीखने का सीधा मौका मिलेगा।
क्या है पीएम मोदी की 1 करोड़ युवाओं के लिए फ्री AI ट्रेनिंग योजना?
1 करोड़ युवाओं के लिए फ्री AI ट्रेनिंग योजना केंद्र सरकार की एक राष्ट्रीय पहल है, जिसका ऐलान 15 अगस्त 2026 को हुआ। इसका मुख्य उद्देश्य भारत के 10 मिलियन छात्रों, फ्रेशर्स और प्रोफेशनल्स को बिना किसी फीस के प्रैक्टिकल आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और ऑटोमेशन स्किल्स सिखाकर रोजगार के योग्य बनाना है।
जरा सोचिए, अगर किसी छोटे शहर या कस्बे में बैठा एक कॉलेज छात्र अपने मोबाइल और लैपटॉप से वही एडवांस AI टूल्स सीख ले, जो दुनिया की टॉप टेक कंपनियों में इस्तेमाल होते हैं, तो क्या होगा? 80वें स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर पर लाल किले की प्राचीर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसी सपने को सच करने वाला बड़ा ऐलान किया है।
देश के युवाओं और ‘जेन-जी’ (Gen-Z) पीढ़ी को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि भारत का युवा सिर्फ तकनीक का यूजर नहीं, बल्कि तकनीक का लीडर बनेगा। अगले एक साल के भीतर देश के 1 करोड़ युवाओं को कटिंग-एज AI स्किल्स में ट्रेन किया जाएगा। यह मिशन खास तौर पर टियर-2 और टियर-3 शहरों के उन छात्रों के लिए संजीवनी बनेगा, जो महंगी फीस के कारण महंगे कंप्यूटर कोर्सेज नहीं कर पाते थे।
इसके साथ ही, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए फ्री ऑनलाइन कोचिंग की भी घोषणा की गई। इससे गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों के हजारों करोड़ रुपये की कोचिंग फीस बचेगी।
सरकार किस तरह देगी फ्री AI ट्रेनिंग और मान्यता प्राप्त सर्टिफिकेट?
यह फ्री ट्रेनिंग स्किल इंडिया डिजिटल हब (SIDH) पोर्टल और ऐप के जरिए दी जाएगी। इसमें नेशनल स्किल डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (NSDC) के साथ मिलकर गूगल, माइक्रोसॉफ्ट और नैसकॉम जैसी टेक कंपनियां इंडस्ट्री-रेडी कोर्स उपलब्ध कराएंगी। कोर्स पूरा करने पर सरकार द्वारा अधिकृत NSQF डिजिटल सर्टिफिकेट मिलेगा।
ट्रेनिंग की पूरी व्यवस्था को बेहद आसान और यूजर-फ्रेंडली बनाया गया है। प्रेस इंफॉर्मेशन ब्यूरो (PIB) के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, स्किल इंडिया डिजिटल हब पर पहले से ही 5.17 लाख से अधिक युवा AI मॉड्यूल्स में नामांकित हैं। अब इस नए 1 करोड़ के लक्ष्य को पूरा करने के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर को और बड़ा किया जा रहा है।
कोर्स के सिलेबस में बिल्कुल बेसिक से शुरुआत होगी। इसमें प्रॉम्प्ट इंजीनियरिंग (Prompt Engineering), जनरेटिव AI टूल्स का रोजमर्रा के कामों में उपयोग, डेटा ऑटोमेशन और पाइथन प्रोग्रामिंग के आसान तरीके सिखाए जाएंगे। हर छात्र को अपनी भाषा (हिंदी, अंग्रेजी और क्षेत्रीय भाषाएं) में वीडियो ट्यूटोरियल्स और लाइव डाउट सेशंस मिलेंगे।
जब आप कोर्स पूरा करेंगे, तो आपको एक वेरिफाइड डिजिटल सर्टिफिकेट दिया जाएगा। यह सर्टिफिकेट नेशनल स्किल क्वालिफिकेशन फ्रेमवर्क (NSQF) के तहत मान्य होगा और सीधे जॉब पोर्टल्स से जुड़ा होगा।

जॉब सीकर्स, कॉलेज स्टूडेंट्स और स्मॉल बिजनेस ओनर्स को इससे क्या फायदा होगा?
यह योजना कॉलेज छात्रों को जीरो-कॉस्ट में मॉडर्न स्किल्स देती है, जॉब सीकर्स के रेज्यूमे को मजबूत बनाती है और स्मॉल बिजनेस ओनर्स को बिना कोडिंग के डिजिटल मार्केटिंग व बिजनेस ऑटोमेशन करने में सक्षम बनाती है। यह डिग्री और बाजार की वास्तविक मांग के बीच की दूरी को खत्म करती है।
आजकल किसी भी प्राइवेट जॉब या कॉर्पोरेट ऑफिस के इंटरव्यू में एक सवाल आम हो चुका है—”क्या आप AI टूल्स का इस्तेमाल करना जानते हैं?” अगर आपका जवाब हां है, तो आपको तुरंत प्राथमिकता मिलती है। यह ट्रेनिंग कॉलेज के फ्रेशर्स और जॉब सीकर्स को इसी कॉम्पिटिशन में सबसे आगे खड़ा करेगी।
अब बात करते हैं लोकल दुकानदारों, स्टार्टअप फाउंडर्स और स्मॉल प्रोफेशनल्स की। अक्सर छोटे व्यापारियों के पास सोशल मीडिया मार्केटिंग या इन्वेंटरी मैनेजमेंट के लिए बड़ी टीमें रखने का बजट नहीं होता। इस ट्रेनिंग के जरिए वे सीखेंगे कि कैसे AI की मदद से मिनटों में आकर्षक विज्ञापन बनाए जाएं, कस्टमर चैट्स को ऑटोमेट किया जाए और एकाउंटिंग को सरल बनाया जाए।
फ्रीलांसिंग की दुनिया में कदम रखने वाले युवाओं के लिए भी यह एक सुनहरा अवसर है। वे घर बैठे देश-विदेश के क्लाइंट्स के लिए कंटेंट क्रिएशन, ग्राफिक डिजाइनिंग और डेटा मैनेजमेंट का काम शुरू कर सकते हैं।

स्किल इंडिया डिजिटल हब पर फ्री AI कोर्स के लिए रजिस्ट्रेशन कैसे करें?
रजिस्ट्रेशन करने के लिए आधिकारिक पोर्टल (skillindiadigital.gov.in) पर जाएं, मोबाइल नंबर से लॉगिन करें, कोर्स लिस्टिंग में ‘आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस’ फिल्टर चुनें और अपनी पसंद के कोर्स पर ‘Enroll Now’ पर क्लिक करें। यह पूरी प्रक्रिया शत-प्रतिशत ऑनलाइन और निशुल्क है।
अगर आप आज ही अपनी लर्निंग जर्नी शुरू करना चाहते हैं, तो इन आसान स्टेप्स को फॉलो करें:
- ऑफिशियल वेबसाइट पर जाएं: अपने ब्राउज़र में
skillindiadigital.gov.inखोलें या गूगल प्ले स्टोर से Skill India Digital Hub ऐप डाउनलोड करें। - नया अकाउंट बनाएं: अपना चालू मोबाइल नंबर दर्ज करें और आधार आधारित OTP वेरिफिकेशन के साथ अपनी स्टूडेंट प्रोफाइल पूरी करें।
- AI कोर्स सर्च करें: ‘Course Catalogue’ मेन्यू में जाएं और वहां ‘Emerging Technologies’ या ‘Artificial Intelligence’ कैटेगरी सिलेक्ट करें।
- लेवल और भाषा चुनें: अपनी सुविधा के अनुसार हिंदी या इंग्लिश भाषा और बिगिनर (Beginner) या इंटरमीडिएट (Intermediate) लेवल का चयन करें।
- एनरोलमेंट पूरा करें: ‘Enroll Now’ बटन दबाएं। आपका ऑनलाइन बैच तुरंत एक्टिवेट हो जाएगा और आप वीडियो लेक्चर्स देखना शुरू कर सकते हैं।
- पोर्टल पर सभी स्टडी मटीरियल्स और प्रैक्टिस टेस्ट बिल्कुल फ्री हैं। आप अपनी सुविधानुसार समय चुनकर मोबाइल पर भी पढ़ाई पूरी कर सकते हैं।

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भारत के भविष्य और युवाओं के करियर के लिए क्यों जरूरी है AI स्किलिंग?
AI स्किलिंग इसलिए जरूरी है क्योंकि भविष्य में 70% से अधिक नौकरियां डिजिटल और AI-संचालित होंगी। भारत में बढ़ते सेमीकंडक्टर प्लांट्स, रोबोटिक्स और आईटी सेक्टर को लाखों ट्रेंड प्रोफेशनल्स की जरूरत है। 1 करोड़ युवाओं को ट्रेन करके भारत दुनिया की टेक राजधानी बनने की दिशा में मजबूत कदम उठा रहा है।
अक्सर लोगों के मन में यह डर रहता है कि “क्या AI मेरी नौकरी छीन लेगा?” इसका सीधा और सच जवाब यह है कि AI आपकी नौकरी नहीं छीनेगा, लेकिन जो व्यक्ति AI का इस्तेमाल करना जानता है, वह आपकी जगह जरूर ले सकता है। इसलिए खुद को समय के साथ अपग्रेड करना ही सबसे बड़ी समझदारी है।
वर्तमान में भारत सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग, 5G-6G नेटवर्क और इंडस्ट्रियल ऑटोमेशन में भारी निवेश कर रहा है। आने वाले समय में देश को ऐसे वर्कफोर्स की जरूरत होगी जो इन मॉडर्न सिस्टम्स को आसानी से ऑपरेट कर सके।
प्रधानमंत्री का यह विजन हमारे युवाओं को सिर्फ ‘नौकरी मांगने वाला’ नहीं, बल्कि तकनीक के दम पर ‘आत्मनिर्भर और सशक्त’ बनाने का एक बड़ा प्रयास है।
Frequently Asked Questions
पीएम मोदी की 1 करोड़ AI ट्रेनिंग योजना स्वतंत्रता दिवस 2026 पर घोषित एक राष्ट्रीय सरकारी पहल है, जिसके तहत 1 साल में 1 करोड़ भारतीय युवाओं को फ्री AI व ऑटोमेशन कोर्स कराए जाएंगे। यह ट्रेनिंग स्किल इंडिया डिजिटल हब के माध्यम से ऑनलाइन दी जा रही है।
भारत का कोई भी नागरिक, चाहे वह स्कूल का छात्र हो, कॉलेज ग्रेजुएट, जॉब सीकर या छोटा कारोबारी, इस कोर्स के लिए पात्र है। बेसिक AI लिटरेसी और टूल्स सीखने के लिए पहले से कोडिंग जानने की कोई अनिवार्यता नहीं है।
आप सरकार के आधिकारिक पोर्टल skillindiadigital.gov.in पर जाकर अपने मोबाइल नंबर से फ्री रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं। वहां AI और इमर्जिंग टेक्नोलॉजी सेक्शन में जाकर अपनी पसंद का कोर्स चुनकर तुरंत पढ़ाई शुरू की जा सकती है।
Author Bio
Founder, Acharya Infotech | Lead Author & Publisher, TrendyTalks.in
Amit Acharya is the Founder of Acharya Infotech and the sole creator behind TrendyTalks.in. With a 23-year legacy in technical education and 3,000+ students mentored, he specializes in AI-powered education, digital marketing, web development, and skill-based career training. As the publisher of TrendyTalks, he writes about AI, technology, business growth, careers and Digital Bharat transformation. Amit is passionate about helping students, professionals, and entrepreneurs become future-ready through practical knowledge and innovative learning strategies.



























